भारतीय काल-गणना विज्ञान
ॐ नमस्कार मित्रों, इस लेख में हम भारतीय काल गणना का परिचय प्राप्त करने का प्रयास करेंगे | ज्योतिष में प्रयुक्त काल (समय) के विभिन्न प्रकार : प्राण (असुकाल) – स्वस्थ्य मनुष्य सुखासन में बैठकर जितनी देर में श्वास लेता व छोड़ता है, उसे प्राण कहते हैं | ६ प्राण = १ पल (१ विनाड़ी) ६० पल = १ घडी (१ नाडी) ६० घडी = १ नक्षत्र अहोरात्र (१ दिन रात) अतः १ दिन रात = ६०*६०*६ प्राण = २१६०० प्राण इसे यदि आज के परिप्रेक्ष्य में देखें तो १ दिन रात = २४ घंटे = २४ x ६० x ६० = ८६४०० सेकण्ड्स अतः १ प्राण = 86400/२१६०० = ४ सेकण्ड्स अतः एक स्वस्थ्य मनुष्य को सुखासन में बैठकर श्वास लेने और छोड़ने में ४ सेकण्ड्स लगते हैं | प्राचीन काल में पल का प्रयोग तोलने की इकाई के रूप में भी किया ...